यह सोचिए कि इस कहानी को बच्चों के लिए सरकारी किताब से आईसीसी बोर्ड ने क्यों हटा दिया
वह क्या डर था
कि बच्चे इस कहानी से कहीं कुछ ऐसी सीख ना ले लें जो सरकार को कतई पसंद नहीं
या सरकार और सरकारी अमले को आइना दिखाती है कहानी पसंद नहीं आई
यह सरकार यह लगा कि कहीं ऐसे अफसर पैदा ना हो जाए जैसा हैदराबाद की उस वेटरनरी डॉक्टर बिटिया के रेप केस में पुलिस वाले हैं जिन्होंने चारों आरोपियों का इंसाफ हाथ के हाथ कर दिया
न कोर्ट न कचहरी
कहीं बच्चे इस कहानी को पढ़कर बड़े होकर ऐसे ही अफसर ना बन जाए अब यह तो सोचना आपका काम है
मेरा काम तो आपको कहानी सुनाने का है उसका अर्थ निकालना क्या सही है क्या गलत है यह सोचना यह आपका काम है
अगर यह कहानी सरकार ने सरकारी किताब से गायब कर दी तो यह आपका काम है कि इसको गायब ना होने दें समाज से गायब ना होने दें और हर बच्चे और हर व्यक्ति तक यह कहानी पहुंचे जिससे कि इस कहानी को लिखने वाले लेखक श्री कृष्ण चंद्र की हिम्मत और मेरी आपको सुनाने की हिम्मत गायब ना हो जाए

Add comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *