अभी समय है सुधार कर लो
ये आनाकानी नहीं चलेगी ,
सही की नकली मुहर लगाकर ,
गलत कहानी नहीं चलेगी।
घमंडी वक्तों के बादशाहों ,
बदलते मौसम की नब्ज़ देखो,
महज़ तुम्हारे इशारों पे अब हवा सुहानी नहीं चलेगी।।।।।

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