श्रीकांत ने अपनी कोशिशों से न सिर्फ अपनी जिंदगी को एक मुकाम तक पहुंचाया है, बल्कि दूसरे दिव्यांगों की जिंदगी भी रोशन की है। श्रीकांत अपनी जिंदगी के तीन बड़े सबक बताते हैं: पहला, दूसरों के लिए प्रेम और गर्मजोशी दिखाओ और लोगों को रईस बनाओ क्योंकि यही असली धन है। दूसरा, लोगों को अपनी जिंदगी में शामिल करो और उनका अकेलापन दूर करो और तीसरा और सबसे अहम सबक यह कि कुछ अच्छा करो। आपकी अच्छाई पलटकर आपके पास ही आएगी।

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