आनंदी ने आज एक आइना दिखा दिया था कि देख पाना सुन पाना एहसास कर पाना हंसना सोचना प्यार करना दया करना यह सब प्रकृति ने हमें वह साथ आश्चर्य ही दिए हैं जिनके बारे में हम सोचते भी नहीं

Add comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *