शर्त थी रिश्ते को बचाने की ,
और यही वजह थी मेरे हार जाने की……

मोरल ऑफ द स्टोरी यह है कि हमें अपनी गलती को स्वीकार करने या दूसरे को क्षमा करने में कोई शर्म नहीं आनी चाहिए ।हमें दयालु और विनम्र होना चाहिए ।हमें एक परिवार के रूप में ,एक साथ रहने की, कोशिश करनी चाहिए। छोटे छोटी बातों को बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए और इन छोटी बातों से अपने रिश्तो को खराब नहीं करना चाहिए । इस जीवन में रिश्तो से बड़ा कुछ नहीं है। दुनिया की सबसे कीमती चीज अगर कुछ है तो आपके रिश्ते हैं जो इस प्रकृति ने आपको दिए हैं चाहे वो आपने अपने रिश्ते हो , अपने अपने आसपास बनाए हों, या फिर आपने कमाए हों……….

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